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बिना बड़ी सर्जरी जटिल पित्त की नली की पथरी का इलाज संभव – डॉ. यादव
गैस्ट्रो उपचार की नई दिशा पर इंदौर में मंथन, ‘गैस्ट्रो अपडेट 2.0’ में देशभर के विशेषज्ञ जुटे
इंदौर, 1 अगस्त 2026। मेदांता हॉस्पिटल इंदौर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग एवं गट क्लब इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “गैस्ट्रो अपडेट 2.0 एवं आईएसजी इंदौर 2026 की वार्षिक बैठक ” का शनिवार को शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट एवं फिजिशियन एक मंच पर जुटे और पाचन तंत्र व लिवर रोगों के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों तथा जटिल मामलों पर वैज्ञानिक चर्चा की।
कार्यक्रम का उद्घाटन मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश पुरी ने किया। इस अवसर पर गट क्लब इंदौर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उद्घाटन के बाद वैज्ञानिक सत्रों की शुरुआत हुई।
ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हरि प्रसाद यादव ने कहा, “पित्त की नली (कॉमन बाइल डक्ट) में फंसी बड़ी या जटिल पथरी का इलाज पहले चुनौतीपूर्ण माना जाता था और कई मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ती थी। अब आधुनिक एंडोस्कोपी और लेजर जैसी उन्नत तकनीकों की मदद से अधिकांश मामलों में बिना बड़े ऑपरेशन के सुरक्षित एवं सफल उपचार संभव हो गया है। इससे मरीजों को कम दर्द, तेजी से रिकवरी और अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने का लाभ मिलता है।”
मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश पुरी ने कहा, “आज गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में आधुनिक एंडोस्कोपी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों ने उपचार की दिशा बदल दी है। आधुनिक एंडोस्कोपी के माध्यम से पेट और पाचन तंत्र की कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाकर बिना बड़े ऑपरेशन के प्रभावी उपचार संभव हो रहा है। भविष्य में एआई आधारित तकनीकें इस प्रक्रिया को और अधिक सटीक एवं प्रभावी बनाएंगी।”
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरुण एस. भदौरिया ने बताया कि पहले दिन “जीआई एंडोस्कोपी : वर्तमान और भविष्य” तथा “कठिन सीबीडी (कॉमन बाइल डक्ट) स्टोन : पुरानी समस्या के लिए नई तकनीकें” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन पीलिया, फैटी लिवर, क्रोनिक हेपेटाइटिस-बी, लिवर ट्रांसप्लांट, गैस एवं अपच, अल्सरेटिव कोलाइटिस, एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस, कोलैंजियोस्कोपी तथा एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर देश के अग्रणी विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।
गट क्लब इंदौर के प्रेसिडेंट डॉ. अतुल शेंडे एवं गट क्लब इंदौर की सेक्रेटरी डॉ. सोहिनी सरकार ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है। ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलन प्रदेश के चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और नवीनतम उपचार पद्धतियों को अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे अंततः मरीजों को बेहतर और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलता है।
सम्मेलन में मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक एवं युवा डॉक्टर शामिल हुए। पहले दिन वैज्ञानिक सत्रों के साथ इंटरएक्टिव डिस्कशन और नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किए गए। दूसरे दिन भी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी से जुड़े अनेक समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।


